Sangeeta Purvanchal Silai Ghar - About Us

संगीता पूर्वांचल सिलाई घर ग्रामीण महिलाओं के हुनर को अवसर और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की एक पहल है। हमारा उद्देश्य महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई और हस्तकला का प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। हम बचे हुए कपड़ों को रचनात्मक रूप से उपयोग करके सुंदर, उपयोगी और पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद तैयार करते हैं। हमारा हर उत्पाद ग्रामीण कला, मेहनत और आत्मनिर्भरता की कहानी कहता है। हमारा विश्वास है की हर महिला में हुनर है, जरूरत सिर्फ सही अवसर की है।

स्थापना वर्ष

2021

स्थान

देवरिया , उत्तर प्रदेश

हमारा लक्ष्य

हर घर की महिला बने आत्मनिर्भर

Our Impacts

पूर्वांचल की महिलाओं को सशक्त बनाना

हम पूर्वांचल के ग्रामीण क्षेत्रों की हुनरमंद महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और आय के अवसर प्रदान करते हैं। उनके हाथों से बना हर उत्पाद आत्मनिर्भरता की एक नई कहानी है—जो उन्हें अपने परिवार का सहारा बनने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपनी अलग पहचान बनाने में मदद करता है।

कपड़ा अपशिष्ट को कम करना

बचे हुए कपड़ों का पुनः उपयोग करके हम हर साल हजारों मीटर कपड़े को कचरे में जाने से बचाने का प्रयास करते हैं। हमारे द्वारा बनाया गया हर बैग, परिधान या सजावटी उत्पाद एक स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।

बदलाव लाना

संगीता पूर्वांचल सिलाई घर सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि एक बदलाव की पहल है। हम कारीगरों, डिजाइनरों और जागरूक ग्राहकों को एक साथ जोड़ रहे हैं—उन लोगों को, जो मानते हैं कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं।

250+

महिलाओं को प्रशिक्षण

150+

महिलाएं हुई आत्मनिर्भर

500+

परिवारों की आय में वृद्धि

1000+

उत्पादों की मासिक बिक्री

Our Products

हमारे हर उत्पाद को बचे हुए कपड़ों के टुकड़ों से तैयार किया जाता है, जिन्हें हमारे हुनरमंद महिला कारीगर अपनी कला से सुंदर, उपयोगी और टिकाऊ उत्पादों में बदल देती हैं। बैग, परिधान, घरेलू सजावट और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों की हर रचना पुनः उपयोग, रचनात्मकता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। हर उत्पाद अपने आप में अनोखा है क्योंकि उसमें मशीन की नहीं, बल्कि एक महिला के हुनर, मेहनत और सपनों की छाप होती है।

Message From the Founder

संगीता पूर्वांचल सिलाई घर केवल सिलाई और हस्तकला का एक प्रयास नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के हुनर, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को एक नई पहचान देने की पहल है। संगीता पूर्वांचल सिलाई घर की स्थापना इस उद्देश्य से की गई है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई और हस्तकला का प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाए। हमारा विश्वास है कि हर महिला में एक हुनर होता है, बस उसे सही अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग की आवश्यकता होती है।

हम ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक हुनर को आधुनिक सोच और रचनात्मकता के साथ जोड़कर सुंदर एवं उपयोगी उत्पाद तैयार करते हैं। बचे हुए और अनुपयोगी कपड़ों को नए रूप में ढालकर हम खूबसूरत बैग, परिधान, घरेलू सजावटी वस्तुएँ और विभिन्न उपयोगी सामग्री तैयार करते हैं। इस तरह हमारा हर उत्पाद मेहनत, हुनर और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी की कहानी कहता है। हमारा उद्देश्य केवल उत्पाद बनाना नहीं, बल्कि महिलाओं को ऐसा मंच देना है जहाँ वे अपने हुनर को पहचान सकें, उसे निखार सकें और अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। हम चाहते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएँ अपने हुनर के माध्यम से सम्मानजनक आजीविका, आर्थिक स्वतंत्रता और बेहतर भविष्य का निर्माण करें।

हमारा सपना है कि पूर्वांचल के हर गांव की महिला अपने हुनर पर गर्व करे, अपने सपनों को उड़ान दे और आत्मनिर्भर बने। जब आप संगीता पूर्वांचल सिलाई घर का कोई उत्पाद चुनते हैं, तो आप केवल एक वस्तु नहीं खरीदते—आप एक महिला के हुनर को अवसर देते हैं, उसके आत्मनिर्भर बनने के सफर में साथ देते हैं और सतत एवं हरित भविष्य की ओर एक कदम बढ़ाते हैं।

Enquiry Form

Enquire Now

Call Us

+91 9792938533

Whastapp

+91 9792938533

Instagram

@arcs_deoria

Location

Rampur dubey near Kali mata mandir pakdihvan road mahuadih Deoria Uttar Pradesh 274405

Timing

Mon – Sat: 10:00 AM – 6:00 PM

Clicking submit opens WhatsApp with your details pre-filled for Sangeeta Purvanchal Silai Ghar.

बदलाव का हिस्सा बनें

संगीता पूर्वांचल सिलाई घर में हमारा विश्वास है कि छोटी-सी पहल भी बड़ा बदलाव ला सकती है।
एक हस्तनिर्मित उत्पाद चुनकर, हमारे साथ जुड़कर या हमारी कहानी साझा करके आप महिलाओं के सशक्तिकरण और टिकाऊ भविष्य की इस यात्रा का हिस्सा बनते हैं।

आपका एक कदम, बचे हुए कपड़े को सम्मान और हुनर को एक नए अवसर में बदल सकता है।

आइए, सृजन, आत्मनिर्भरता और स्थिरता की इस यात्रा में हमारे साथ चलें।
मिलकर ऐसा भविष्य बुनें, जहाँ कुछ भी व्यर्थ न जाए और हर सपने को उड़ान का अवसर मिले।

Scroll to Top